ओम प्रकाश सिंह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर का एक छोटा सा गांव, जहां मिट्टी बोलती है और हाथों की जादूगरी से सजीव हो उठती है। गोरखपुर जनपद के गुलरिया थाना क्षेत्र में बसा औरंगाबाद गांव। सदियों पुरानी टेराकोटा शिल्पकला का गढ़ बना हुआ है। यहां की लाल-भूरी "काबिस" मिट्टी से बने दीये, घोड़े-हाथी, देवी-देवताओं की मूर्तियां, सजावटी सामान और फूलदान आज देश-विदेश में धूम मचा रहे हैं।
औरंगाबाद के प्रजापति परिवार के शिल्पकार पीढ़ियों से इस कला को संजोए हुए हैं। मास्टर आर्टिस्ट गुलाबचंद प्रजापति जैसे कलाकारों ने 1982 में ब्रिटेन के भारत महोत्सव में भारत का प्रतिनिधित्व कर इस कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। गांव की मिट्टी में प्राकृतिक चमक है, बिना किसी कृत्रिम रंग के, सिर्फ आग में पकाकर ये कलाकृतियां तैयार होती हैं। खास बात यह भी है कि गोरखपुर टेराकोटा को Geographical Indication टैग भी मिल चुका है, जो इसकी अनोखी शैली और गुणवत्ता को प्रमाणित करता है।
उत्तर प्रदेश सरकार की एक जिला एक उत्पाद योजना ने इस पारंपरिक शिल्प को नई ताकत दी है। ट्रेनिंग, टूलकिट, बाजार पहुंच और वित्तीय सहायता से सैकड़ों परिवारों की आय बढ़ी है। अब ये उत्पाद सिर्फ स्थानीय बाजारों तक सीमित नहीं है बल्कि ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और यूरोप जैसे देशों में भी इनकी मांग बढ़ रही है।
2025 में उत्तर प्रदेश सरकार ने औरंगाबाद में 4 एकड़ भूमि पर आधुनिक टेराकोटा हब बनाने का फैसला लिया है। यह कॉम्प्लेक्स शिल्पकारों को बेहतर सुविधाएं, प्रशिक्षण और निर्यात के अवसर प्रदान करेगा। इससे न सिर्फ रोजगार बढ़ेगा, बल्कि रूरल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा। गांव में आज भी आप शिल्पकारों को चाक पर मिट्टी गूंथते, आकृतियां तराशते और भट्ठी में पकाते देख सकते हैं। ये उत्पाद पर्यावरण-अनुकूल हैं और सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखते हैं।
औरंगाबाद अब सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि "मिट्टी से सोना बनाने" का प्रतीक बन गया है। योगी सरकार की योजनाओं से यह कला 'लोकल टू ग्लोबल' बनने की राह पर है।अगर आप भी इस अनोखी कला को करीब से देखना या सपोर्ट करना चाहते हैं, तो गोरखपुर घूमते समय औरंगाबाद जरूर जाएं। हुसैनगंज या स्थानीय स्टोर से ये सुंदर कलाकृतियां खरीदकर शिल्पकारों का उत्साह बढ़ाएं। मिट्टी की यह कहानी सिर्फ शिल्प नहीं, बल्कि मेहनत, परंपरा और सपनों का संगम है। गोरखपुर की टेराकोटा , जहां हर आकृति एक कहानी कहती है।