शिक्षिका वत्सला सिंह अक्स का सद्य: प्रकाशित काव्य संकलन हिन्दी दैनिक देश पथ लखनऊ के सलाहकार संपादक -पुस्तक समीक्षक राजीव कुमार ओझा के कुशल संपादन में सजी कृति - "मेरा चांद आसमां में " समकालीन हिंदी काव्य जगत में एक ताजी हवा के झोंके की तरह है। यह संकलन केवल कविताओं का संग्रह नहीं, बल्कि विविध मानवीय संवेदनाओं, प्रेम, नारी मन के भावों, पुरुषवादी मानसिकता से जूझती नारी की व्यथा, स्त्री पर थोपी गई रुढ़िवादी सामाजिक बंदिशों,भ्रष्ट व्यवस्था की कुनीतियों, पर्यावरण पर गहराते संकट,सामाजिक सरोकारों को रेखांकित करती कविताओं का एक सुंदर इंद्रधनुषी कोलाज है। सुंदर,सहज,सरस, बोधगम्य ,सुग्राह्य भाषा शैली में सृजित इस काव्य संकलन की हर रचना पाठक पर कवयित्री के वैदुष्य की अमिट छाप छोड़ती है। कहीं कवयित्री वत्सला सिंह अक्स का शिक्षक का किरदार समाज के समक्ष खड़ी चुनौतियों से हमें आगाह करता है तो कहीं स्त्री को भोग्या समझने की कुंठित पुरुषवादी मानसिकता के खिलाफ एक विद्रोही नारी के किरदार में कवयित्री पुरुषवादी मानसिकता से प्रताड़ित नारी में जूझने की ऊर्जा का संचार करती हैं। इस काव्य संकलन की सबसे बड़ी शक्ति इसकी विविधता है। इसमें जहां एक ओर प्रेम की कोमलता है, वहीं दूसरी ओर जीवन के संघर्षों की प्रखर अभिव्यक्ति भी है। संपादक के रूप में राजीव कुमार ओझा जी ने विभिन्न रचनाओं के भावों को एक सूत्र में पिरोने का सराहनीय कार्य किया है। कविताओं का चयन और उनका क्रम पाठक को बांधे रखता है। संकलन की भाषा सरल, सुबोध और मर्मस्पर्शी है, जो सीधे पाठक के हृदय तक उतरती है। यह काव्य संकलन उन सभी पाठकों के लिए एक अनमोल उपहार है जो शब्दों में भावनाओं की तलाश करते हैं। विदुषी कवयित्री वत्सला सिंह अक्स का यह प्रयास हिंदी साहित्य की श्रीवृद्धि में एक सार्थक कदम सिद्ध होगा। "जब शब्द संवेदना की स्याही में डूबते हैं, तभी 'मेरा चांद आसमां में' जैसी कृतियां जन्म लेती हैं।" कृति: "मेरा चांद आसमां में " काव्य संकलन / लेखिका -वत्सला सिंह अक्स / प्रकाशक-हिन्दी श्री पब्लिकेशन