लखनऊ, 17 अगस्त / प्रदेश के जलशक्ति मंत्री श्री स्वतंत्रदेव सिंह ने सोमवार को राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न पेयजल योजनाओं की मंडलवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि पेयजल योजनाओं में किसी भी प्रकार की लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जलशक्ति मंत्री ने मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता एवं अधिशासी अभियंता को प्रत्येक सप्ताह 'दो - दो जलार्पण' कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल योजनाओं का लाभ जल्द से जल्द लोगों तक पहुंचना चाहिए। आवश्यकता के अनुसार मैनपावर बढ़ाई जाए, लेकिन परियोजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर देरी नहीं होनी चाहिए। श्री स्वतंत्रदेव सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि योजनाओं में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और फर्म के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि अधिकारी नियमित रूप से क्षेत्रों रात्रिप्रवास कर भ्रमण करें और पेयजल से संबंधित समस्याओं का मौके पर पहुंचकर त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।
बैठक के दौरान माननीय मंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों से सीधा संवाद किया तथा पिछले एक माह में विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से परियोजनावार प्रगति की जानकारी लेते हुए कार्यों में तेजी लाने और लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। माननीय मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए अधिकारियों को योजनाओं की नियमित निगरानी के साथ-साथ जमीनी स्तर पर उनकी प्रगति का सत्यापन भी करना होगा। उन्होंने निर्देश दिया कि परियोजनाओं में अनावश्यक विलंब अथवा लापरवाही बरतने पर निर्माण एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।बैठक में नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग, उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव श्री अनुराग श्रीवास्तव, जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक डॉ. राजशेखर, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक श्री जोगिंदर सिंह* और स्टेट कोऑर्डिनेट श्री डीके सिंह, मुख्य अभियंता ग्रामीण उत्तर प्रदेश जलनिगम श्री एके सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


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