वर्ष 2025 में प्रदेश में 156 करोड़ पर्यटकों का आगमन हुआ, 

पर्यटन के प्रति सरकार की नई दृष्टि का परिणाम : मुख्यमंत्री

लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन की अपार सम्भावनाएँ हैं। प्रदेश की आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक विकास के साथ जोड़ते हुए उत्तर प्रदेश को देश और दुनिया के प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया जा रहा है। आज उत्तर प्रदेश ने यह साबित किया है कि यह ‘अनलिमिटेड पोटेंशियल’ वाला प्रदेश और ‘हार्ट लैण्ड ऑफ इण्डिया’ है।

मुख्यमंत्री  आज (19 अगस्त 26) होटल ताज पैलेस के उद्घाटन अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने टाटा ग्रुप, आई0एच0सी0एल0 तथा होटल के संचालकों को बधाई देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश अब बदलाव की नई यात्रा पर है। युवाओं को अधिक से अधिक अवसरों से जोड़ने और उनकी स्किलिंग को विकास की गति के साथ जोड़ने की आवश्यकता है। स्केल और स्किलिंग के समन्वय से उत्तर प्रदेश, देश की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका को और मजबूत करेगा।

उन्होंने  कहा कि उत्तर प्रदेश भारत की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य है और लखनऊ इसकी राजधानी है। उत्तर प्रदेश को भारत की आत्मा की भूमि के रूप में जाना जाता है। अयोध्या, मथुरा-वृन्दावन, काशी, प्रयागराज सहित अनेक महत्वपूर्ण धार्मिक एवं आध्यात्मिक केन्द्र प्रदेश में स्थित हैं। भगवान बुद्ध से जुड़े महत्वपूर्ण स्थल तथा अनेक जैन तीर्थंकरों की जन्मभूमि भी उत्तर प्रदेश की धरती रही है। माँ गंगा, माँ यमुना और माँ सरयू जैसी पवित्र नदियाँ प्रदेश की पहचान का अभिन्न हिस्सा हैं।


उन्होंने कहा कि एक समय उत्तर प्रदेश अपनी समृद्ध विरासत और सम्भावनाओं के अनुरूप पहचान स्थापित नहीं कर पा रहा था। पिछले लगभग 09 वर्षों में प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश की विरासत और उसकी मूल पहचान को केन्द्र में रखते हुए विकास की नई दिशा तय की है। विरासत और विकास के बेहतरीन समन्वय के माध्यम से उत्तर प्रदेश को पर्यटन के प्रमुख केन्द्र के रूप में स्थापित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में देश में तीसरे स्थान पर था। वर्ष 2025 में प्रदेश में 156 करोड़ पर्यटकों का आगमन हुआ। प्रयागराज, काशी, अयोध्या, मथुरा-वृन्दावन सहित प्रदेश के विभिन्न तीर्थ एवं पर्यटन स्थलों पर बड़ी संख्या में देश-दुनिया से पर्यटक पहुँचे। यह परिवर्तन प्रदेश की बेहतर होती कानून-व्यवस्था, विकसित हो रहे इन्फ्रास्ट्रक्चर और पर्यटन के प्रति सरकार की नई दृष्टि का परिणाम है।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने विकास के साथ विरासत को जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया है। उत्तर प्रदेश ने इसी भावना के अनुरूप अपनी आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए आधुनिक पर्यटन सुविधाओं का विकास किया है। पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा और बेहतर वातावरण प्रदेश में उपलब्ध कराया गया है।

उन्होंने कहा कि लखनऊ अपनी विशिष्ट सांस्कृतिक परम्परा, विरासत और खान-पान के लिए देश-दुनिया में जाना जाता है। यूनेस्को द्वारा लखनऊ को ‘क्रिएटिव सिटी ऑफ गैस्ट्रोनॉमी’ के रूप में मान्यता मिलना इसकी समृद्ध पाक परम्परा की वैश्विक पहचान है। प्रदेश सरकार ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ के बाद ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुज़ीन’ की दिशा में भी कार्य कर रही है, ताकि प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों के पारम्परिक खान-पान को नई पहचान और बाजार उपलब्ध कराया जा सके।

मुख्यमंत्री  ने ताज पैलेस के संचालकों से आग्रह किया कि होटल की आधुनिक सुविधाओं के साथ स्थानीय खान-पान और परम्पराओं को भी प्रमुखता दी जाए। अवध और पूर्वी उत्तर प्रदेश के पारम्परिक व्यंजनों, बाटी-चोखा, सत्तू तथा मिलेट आधारित भोजन को भी होटल के मेन्यू में स्थान दिया जा सकता है। इससे प्रदेश की स्थानीय संस्कृति और खान-पान को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुँचाने में मदद मिलेगी।


उन्होंने कहा कि ताज पैलेस लखनऊ में 181 रूम एवं सुइट्स के साथ भव्य प्रेसिडेन्शियल सुइट और लगभग 10,000 वर्ग फुट का पिलरलेस बैंक्वेट हॉल उपलब्ध है। इस प्रकार की सुविधाएँ लखनऊ को राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय स्तर के सम्मेलनों, सेमिनारों, कॉन्फ्रेंस, प्रदर्शनियों और अन्य बड़े आयोजनों के लिए बेहतर गंतव्य बनाने में सहायक होंगी।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि उत्तर प्रदेश और जापान के बीच निवेश को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली में आयोजित यू0पी0-जापान इन्वेस्टमेण्ट मीट में जापान के 200 से अधिक विदेशी निवेशकों, उद्योगपतियों और सी0ई0ओ0 ने भाग लिया। जापान अपनी तकनीक, शोध और नवाचार के लिए विश्व में विशिष्ट पहचान रखता है। जापानी प्रतिनिधिमण्डल ने ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकण्डक्टर, आर्टिफिशियल इण्टेलिजेंस, रोबोटिक्स और ऑटोमोबाइल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्तर प्रदेश में निवेश को लेकर उत्साह व्यक्त किया है। इस प्रतिनिधिमण्डल के सदस्यों का ताज पैलेस लखनऊ में ठहरना प्रदेश के बढ़ते हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण अवसर है।

उन्होंने कहा कि बड़े होटल केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था का निवेश नहीं होते, बल्कि वे पूरे आर्थिक एवं रोजगार ईको-सिस्टम को प्रभावित करते हैं। ताज पैलेस लखनऊ से लगभग 600 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, जबकि सैकड़ों अन्य लोग इसकी सप्लाई चेन से अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ेंगे। होटल राष्ट्रीय-अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलनों, व्यावसायिक आयोजनों, मांगलिक कार्यक्रमों और डेस्टिनेशन वेडिंग्स के लिए भी महत्वपूर्ण मंच उपलब्ध कराएगा।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि उत्तर प्रदेश आज 12 डोमेस्टिक और 05 इण्टरनेशनल एयरपोर्ट के साथ बेहतर एयर कनेक्टिविटी विकसित कर चुका है। देश के एक्सप्रेस-वे नेटवर्क में उत्तर प्रदेश की लगभग 60 प्रतिशत हिस्सेदारी है। प्रदेश में कई शहरों में मेट्रो का संचालन हो रहा है। देश की पहली रैपिड रेल तथा पहला इनलैण्ड वॉटर-वे भी उत्तर प्रदेश में प्रारम्भ हुआ है। बेहतर कानून-व्यवस्था और आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर के कारण प्रदेश निवेश और पर्यटन के लिए तेजी से पसंदीदा गंतव्य बन रहा है।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ के माध्यम से उत्तर प्रदेश से लगभग दो लाख करोड़ रुपये का निर्यात हो रहा है। इससे बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिले हैं। प्रदेश सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को वर्ष 2029-30 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का है। जब देश अपनी आजादी का शताब्दी महोत्सव मना रहा होगा, तब विकसित भारत के निर्माण में विकसित उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।


मुख्यमंत्री  ने कहा कि लखनऊ को पर्यटन, खान-पान, संस्कृति, व्यापार और कॉन्फ्रेंस डेस्टिनेशन के रूप में और मजबूत करने के लिए इस प्रकार की आधुनिक हॉस्पिटैलिटी सुविधाएँ आवश्यक हैं। ताज पैलेस जैसे होटल बिजनेस ट्रैवलर्स, मीटिंग्स, इन्सेंटिव्स, कॉन्फ्रेंस, एग्जीबिशन, डेस्टिनेशन वेडिंग और अन्तरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री  ने ताज ग्रुप से उत्तर प्रदेश के अन्य प्रमुख शहरों में भी होटल श्रृंखला के विस्तार का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या, काशी, मथुरा-वृन्दावन सहित प्रदेश के कई शहरों में उच्च गुणवत्ता वाली हॉस्पिटैलिटी सुविधाओं की माँग बढ़ रही है। ऐसे में प्रतिष्ठित होटल समूहों के निवेश से प्रदेश के पर्यटन ईको-सिस्टम को और मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने पिछले 09 वर्षों में ‘बॉटम-थ्री से टॉप-थ्री’ की यात्रा पूरी की है। प्रदेश की अपार सम्भावनाओं को साकार करने के लिए बड़े लक्ष्य और बड़ी सोच के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने ताज पैलेस के संचालकों से भी ‘थिंक बिग, थिंक यू0पी0’ की भावना के साथ उत्तर प्रदेश के विकास और पर्यटन को आगे बढ़ाने में योगदान देने का आह्वान किया।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक, जल शक्ति मंत्री श्री स्वतंत्र देव सिंह, सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जे0पी0एस0 राठौर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण तथा शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।