उ0प्र0 सरकार ने कारीगरों को उनके पारम्परिक हुनर का नया बाजार उपलब्ध कराया

लखनऊ/ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आज देश का युवा नई सम्भावनाओं और अवसरों से जुड़ रहा है। युवा देश और दुनिया में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाएं, लेकिन वे दुनिया के किसी भी कोने में जाएं, उनके हृदय में भारत सदैव जीवन्त रहना चाहिए। उन्हें अपनी संस्कृति पर गर्व, अपनी जड़ों का बोध, समाज के प्रति संवेदनशीलता तथा ‘नेशन फर्स्ट’ अर्थात राष्ट्र सर्वोपरि की भावना के साथ देश के प्रति जिम्मेदारी का भाव होना चाहिए।

मुख्यमंत्री आज आन्ध्र प्रदेश के वेंकटचलम, नेल्लौर में स्वर्ण भारत ट्रस्ट के रजत जयन्ती समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने स्वर्ण भारत ट्रस्ट के 25 वर्षों की सेवा यात्रा की सराहना करते हुए ट्रस्ट के पदाधिकारियों, सदस्यों, शुभचिंतकों और सेवा कार्यों से जुड़े सभी लोगों को बधाई देते हुए कहा कि स्वर्ण भारत ट्रस्ट के माध्यम से संचालित अक्षरा विद्यालय में शिक्षा और कौशल के जिस समन्वित मॉडल को देखने का अवसर मिला, वह युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास है। मुख्यमंत्री  ने कहा कि ट्रस्ट ने कौशल को रोजगार से जोड़ने का प्रभावी मॉडल विकसित किया है। प्रशिक्षण से लेकर कम्प्यूटर शिक्षा तक युवाओं को ऐसे कौशल उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनके आधार पर वे नौकरी प्राप्त करने के साथ स्वयं का रोजगार भी प्रारम्भ कर सकते हैं। शिक्षा के साथ कौशल प्रशिक्षण मिलने से ग्रामीण युवा आधुनिक तकनीक को अपनाकर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर प्राप्त कर रहे हैं।


रोजगारपरक प्रशिक्षण के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को भी स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। विभिन्न स्वावलम्बन कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं और युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता के अवसर बढ़े हैं। यह सेवा कार्य केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण समाज को आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने का माध्यम भी है।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जनपद की अपनी विशिष्ट पहचान और पारम्परिक हुनर है। वाराणसी की साड़ी, भदोही का कालीन, मुरादाबाद की पीतल की कलाकृतियां, फिरोजाबाद का कांच, कन्नौज का इत्र और लखनऊ की चिकनकारी जैसे उत्पाद प्रदेश की समृद्ध हस्तशिल्प एवं कारीगरी परम्परा का प्रतिनिधित्व करते हैं। पीढ़ियों से इन पारम्परिक हुनरों को आगे बढ़ाने वाले कारीगरों के पास आधुनिक डिजाइन, पूंजी और बाजार की कमी थी। उत्तर प्रदेश सरकार ने इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना प्रारम्भ की। प्रदेश के प्रत्येक जनपद के विशिष्ट उत्पाद की पहचान कर उससे जुड़े कारीगरों को डिजाइन प्रशिक्षण, आधुनिक टूल किट, बैंक से आसान ऋण तथा विपणन एवं निर्यात के लिए मंच उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री  ने कहा कि उत्तर प्रदेश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता केवल इस बात की थी कि पारम्परिक हुनर को आधुनिक डिजाइन, तकनीक और वैश्विक बाजार से जोड़ा जाए। आज इसी दिशा में कार्य हो रहा है। जिन उत्पादों और हुनर के सामने कभी बाजार की चुनौती थी, वे आज देश-दुनिया के बाजार तक पहुंच रहे हैं। ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ के अन्तर्गत बढ़ई, लोहार, दर्जी, कुम्हार, नाई सहित विभिन्न पारम्परिक कारीगरों को प्रशिक्षण और टूल किट उपलब्ध कराई जा रही है। हमारा प्रयास है कि पीढ़ियों से चले आ रहे पारम्परिक हुनर को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़कर कारीगरों को अपने पैरों पर खड़ा किया जाए। उत्तर प्रदेश आज देश के प्रमुख निर्यातक राज्यों में शामिल हो रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने कारीगरों से उनका पारम्परिक हुनर छीनकर नया हुनर नहीं दिया, बल्कि उनके पारम्परिक हुनर को नया बाजार उपलब्ध कराया है।


मुख्यमंत्री  ने कहा कि जब तक समाज में सुरक्षा का वातावरण नहीं होगा, तब तक परिवार अपनी बेटियों को बाहर भेजने में संकोच करेगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने ‘मिशन शक्ति’ के माध्यम से महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन को प्राथमिकता दी है। महिलाओं को प्रशिक्षण और डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराकर ‘बैंकिंग सखी’ के रूप में तैयार किया गया है। आज ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को बैंक तक जाने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि बैंकिंग सेवाएं उनके दरवाजे तक पहुंच रही हैं। गांव की बेटियां बैंक और ग्रामीण जनता के बीच सेतु का काम कर रही हैं। बैंकिंग सखियां ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्वयं भी आय अर्जित कर रही हैं। इससे महिला सशक्तीकरण को आर्थिक आधार मिला है। मुख्यमंत्री  ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गोवंश संरक्षण के लिए 7,700 से अधिक गो-आश्रय स्थल बनाए गए हैं। निराश्रित गोवंश को अपने घर में पालने वाले किसानों को प्रदेश सरकार द्वारा प्रति गोवंश प्रतिमाह आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इससे गोवंश संरक्षण के साथ ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सहयोग भी मिल रहा है। मुख्यमंत्री  ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में स्वर्ण भारत ट्रस्ट के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि जहां आवश्यकता सबसे अधिक है, वहां स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना ही सेवा का वास्तविक उद्देश्य है। पिछले लगभग 20 वर्षों से ट्रस्ट द्वारा प्रत्येक माह निःशुल्क चिकित्सा शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में प्रतिदिन औसतन 12 लोगों की शल्य चिकित्सा की जा रही है। दन्त एवं नेत्र चिकित्सा जैसी सेवाओं के माध्यम से जरूरतमन्द लोगों के जीवन में स्वास्थ्य और प्रकाश लाने का महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री  ने उत्तर प्रदेश के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि प्रदेश की आबादी लगभग 25 करोड़ है। इतनी बड़ी आबादी के कारण उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा का प्रभाव पूरे देश पर पड़ता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में लम्बे समय तक गरीबी और बीमारी जैसी चुनौतियां रही हैं। विशेष रूप से जापानी इन्सेफेलाइटिस अर्थात दिमागी बुखार के कारण प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में लोगों की मृत्यु होती थी।

गोरखपुर की जनता ने उन्हें कई बार संसद में भेजा और उन्होंने संसद सहित अनेक मंचों पर इस बीमारी के खिलाफ आवाज उठाई तथा समाधान के लिए संघर्ष किया। समस्या का स्थायी समाधान तब सम्भव हुआ, जब केन्द्र में आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में सरकार बनी और ‘स्वच्छ भारत मिशन’ को व्यापक स्तर पर लागू किया गया। मुख्यमंत्री  ने कहा कि घर-घर शौचालय निर्माण, स्वच्छता और जनजागरूकता के व्यापक अभियान के कारण इन्सेफेलाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ। आज इस बीमारी से होने वाली मौतों में अभूतपूर्व कमी आयी है और इसके उन्मूलन की दिशा में बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का युग तकनीक का युग है और तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वह भेदभाव नहीं करती। प्रधानमंत्री जी ने तकनीक का प्रभावी उपयोग करते हुए महिला और ग्रामीण सशक्तीकरण को नई गति दी है। जनधन खातों और प्रत्यक्ष लाभ अन्तरण (डी0बी0टी0) के माध्यम से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रहा है। इससे यह सुनिश्चित हुआ है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो।

स्वर्ण भारत ट्रस्ट द्वारा टेली-एजुकेशन और टेली-मेडिसिन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। ड्रोन तकनीक, ऑटोकैड और जी0आई0एस0 जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण भी युवाओं को दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण युवाओं को आधुनिक रोजगार के लिए तैयार करने में सहायता मिल रही है। मुख्यमंत्री  ने कहा कि विगत वर्षों में हुए परिवर्तन की कहानी हर उस माँ की कहानी है, जिसे पानी के लिए दूर नहीं जाना पड़ता। यह हर उस बेटी की कहानी है, जिसे स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण मिला है। यह हर उस महिला की कहानी है, जिसका रसोईघर धुएं से मुक्त हुआ है। यह हर उस परिवार की कहानी है, जिसे बीमारी के समय आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य सुरक्षा मिली है। यह हर उस परिवार की कहानी है, जिसे प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से पक्का घर मिला है और यह हर उस युवा की कहानी है, जिसने मोबाइल और कौशल के माध्यम से गांव से दुनिया की ओर देखना शुरू किया है।


नए भारत ने गांव की ताकत को नई तकनीक से जोड़ने का कार्य किया है। जनधन योजना के माध्यम से बड़ी संख्या में भारतीयों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया है और करोड़ों परिवारों के जीवन में वित्तीय समावेशन का लाभ पहुंचा है। डिजिटल लेनदेन के क्षेत्र में भारत आज पूरी दुनिया को राह दिखा रहा है। इसका लाभ छोटे दुकानदार से लेकर महिला, किसान और आम नागरिक तक पहुंच रहा है। दुकानदार को खुले पैसे रखने की चिन्ता नहीं है। महिलाएं सम्मान के साथ अपनी पेंशन प्राप्त कर रही हैं। किसान को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि डी0बी0टी0 के माध्यम से सीधे उसके खाते में प्राप्त हो रही है। गरीब व्यक्ति को बिना बिचौलियों के पक्का मकान बनाने के लिए सरकारी सहायता मिल रही है। तकनीक का लाभ उस युवा को भी मिल रहा है, जो घर बैठे स्मार्टफोन के माध्यम से अपने गांव से कारोबार शुरू कर रहा है और देश तथा दुनिया के बाजार से जुड़ रहा है। नीति तभी सार्थक होती है, जब वह किसी व्यक्ति के जीवन में नई सम्भावनाएं पैदा करे। अच्छी नीतियों और उनके प्रभावी क्रियान्वयन से परिवर्तन हमारी आंखों के सामने दिखाई देता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व उपराष्ट्रपति श्री एम0 वेंकैया नायडू जी ने आधुनिक भारत में दक्षिण और उत्तर भारत को सांस्कृतिक रूप से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण सेतु के रूप में कार्य किया है। आन्ध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच संस्कृति एवं आध्यात्मिकता का सम्बन्ध प्राचीन काल से रहा है। महाप्रभु वल्लभाचार्य उत्तर और दक्षिण की सांस्कृतिक एकात्मता के जीवन्त प्रतीक बने। उन्होंने काशी की विद्वत सभा में शास्त्रार्थ किया और ब्रज की पावन भूमि मथुरा, वृन्दावन तथा गोवर्धन में पुष्टिमार्ग की भक्ति परम्परा को आगे बढ़ाया।

जगद्गुरु निम्बार्काचार्य की राधा-कृष्ण की युगल भक्ति और द्वैताद्वैत दर्शन ने ब्रज की आध्यात्मिक चेतना को और समृद्ध किया। भगवान बुद्ध ने सारनाथ और श्रावस्ती में सत्य, करुणा और मध्यम मार्ग का संदेश दिया। आचार्य नागार्जुन जैसे महान दार्शनिकों ने बौद्ध दर्शन को तार्किक और दार्शनिक आधार प्रदान किया। यही भारत की शक्ति है। दिशाएं व भाषाएं अलग हो सकती हैं, लेकिन हमारी ज्ञान परम्परा और सांस्कृतिक चेतना हमें एक सूत्र में बांधती है। भारत की विविधता में एकता उसकी सबसे बड़ी शक्ति है।


मुख्यमंत्री  ने कहा कि प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण का संकल्प देश के सामने है। इस संकल्प में भारत के गांवों की भूमिका केन्द्रीय है। विकसित भारत का निर्माण तभी होगा, जब गांव का नागरिक भी विकास की मुख्यधारा में आत्मविश्वास और सामर्थ्य के साथ आगे बढ़ेगा। इस विराट संकल्प को केवल सरकार अकेले पूरा नहीं कर सकती। सरकार अपनी नीतियों और योजनाओं के माध्यम से अवसरों का निर्माण करेगी, लेकिन समाज अपनी सहभागिता से उन अवसरों को शक्ति प्रदान करेगा। स्वर्ण भारत ट्रस्ट जैसी संस्थाएं इन अवसरों को गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाकर उसे सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री  ने कहा कि सामाजिक जिम्मेदारी का वास्तविक निर्वहन करते हुए स्वर्ण भारत ट्रस्ट ग्रामीण क्षेत्रों के सशक्तीकरण के लिए निरन्तर कार्य कर रहा है। सरकार, समाज और सेवा संस्थाओं की सम्मिलित शक्ति ही विकसित भारत की आधारशिला बनेगी।